Quotes of the Day
1). “ध्यान वह कुंजी है जो आंतरिक शांति का द्वार खोलती है।”

2). “असली पूजा वह है जो अंतरात्मा से की जाए।”

3). “सच्चा सुख उसी में है जो निर्भय होकर सभी प्राणियों में भगवान का दर्शन करता है।”

4). “जीवन में सच्ची खुशी और शांति आत्म-ज्ञान में ही छुपी है”

5). “कर्म ही पूजा है, और धर्म ही जीवन है।”

6). “मन की शांति से बड़ा कोई धन नहीं।”

7). “आत्मा का नोंक ही ईश्वर है, और हमारी हर सांस में उसका वास है।”

8). “ज्ञान की रोशनी में ही सच्चा मार्ग दिखाई देता है।”

9). “अहंकार से मुक्ति ही आत्मा की मुक्ति है।”

10). “जो अपने मन को वश में कर लेता है, वही संसार को जीत लेता है।”

11). “जीवन में वास्तविक समृद्धि बाहरी धन में नहीं, बल्कि आंतरिक शांति में निहित है।”

12). “सच्चा धर्म वह है जो मनुष्य को नैतिकता और करुणा की ओर ले जाता है।”

13). “सबसे बड़ा ज्ञान अपने आप को जानना है।”

14). “प्रेम ही सबसे बड़ी पूजा है, और करुणा ही सबसे बड़ा धर्म।”

15). “आत्मा की आवाज़ ही सबसे बड़ी गुरु है।”

16). “जो सच में जानता है, वह कभी नहीं बोलता; जो बोलता है, वह सच में नहीं जानता।”

17). “आत्म-संतोष ही सच्ची समृद्धि का स्रोत है।”

18). “धर्म वह नहीं जो डराता है, धर्म वह है जो राह दिखाता है।”

19). “आत्म-नियंत्रण ही सच्ची शक्ति है, और अहिंसा सच्ची वीरता।”

20). “जहाँ प्रेम है, वहीं ईश्वर है।”

21). “खुद को जाने बिना, जीवन का अर्थ नहीं जाना जा सकता।”

22). “मन की शांति आत्मा की आवाज़ को सुनने का पहला कदम है।”

23). “जो व्यक्ति अपने आप में संतुष्ट है, वह संसार में कहीं भी संतुष्ट रह सकता है।”

24). “सच्ची आध्यात्मिकता अहंकार को त्यागने में निहित है।”

25). “जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य आत्म-साक्षात्कार है।”

26). “आत्मा की यात्रा बाहरी नहीं, आंतरिक होती है।”

27). “जहां भक्ति है, वहां शक्ति है।”

28). “आत्म-विश्वास और भक्ति से बड़ी कोई शक्ति नहीं।”

29). “सबसे बड़ा ज्ञान अपनी अज्ञानता को पहचानना है।”

30). “प्रकृति में ईश्वर का अनुभव करना सच्ची आध्यात्मिकता है।”

31). “जो सब में एक देखता है, उसके लिए दुनिया में कोई पराया नहीं होता।”

32). “जीवन एक यात्रा है, जिसमें हर कदम आत्म-सुधार का अवसर है।”

33). “प्रकृति हमें बिना शब्दों के सबसे बड़े सत्य सिखाती है।”

34). “अपने भीतर के दीपक को प्रज्वलित करो, और अंधेरा अपने आप दूर हो जाएगा।”

35). “मन की शांति ही सबसे बड़ा लाभ है।”

36). “ईश्वर का अनुभव करने के लिए आंतरिक दृष्टि की आवश्यकता है।”
